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Showing posts from July, 2021

जरा सोचिए और विचार किजिए

 क्या भारत एक मूर्ख-प्रधान देश है❓ यदि नहीं तो जरा सोचिए !  ▪️मैं चौकीदार हूँ ... क्या यह जनता का मुद्दा है❓ ▪️मैं चाय वाला हूँ ▪️मैं फकीर हूँ ▪️मैं गरीब हूँ मेरे पास तो कार भी नहीं ▪️मैं कामदार आदमी हूँ ▪️वो मुझे काम नहीं करने देते ▪️वो मोदी को हराना चाहते हैं ▪️स से सपा रा रालोद ब से बसपा : यानी सराब ▪️उनका गठबंधन मिलावटी है ◆ नेहरू ने अगर ऐसा किया होता, नेहरू ने अगर ऐसा ना किया होता... ▪️कांग्रेस की विधवा माँ... ▪️कांग्रेस खत्म हो गई तो गरीबी भी खत्म ▪️मेरे विरोधी रो रहे हैं ▪️यह मोदी है, बारी-बारी सब का हिसाब लेगा 🤔क्या इनमें से एक भी जनता का मुद्दा है❓ 👉🏿 न रोजगार की बात 👉🏿 न काले धन की बात 👉🏿 न फसलों के दाम की बात 👉🏿 न अच्छी शिक्षा की बात 👉🏿 न अच्छे स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटी अस्पतालों की बात 🤔 जरा समझिए आम जनता के मुद्दों से हटाकर आपको किन बातों में उलझाने की सोची-समझी साज़िश हो रही है अरस्तू  कहते हैं : 👇🏿 अगर ज्ञानियों की संख्या कम मूर्खों की संख्या ज्यादा होगी तो मूर्ख लोग ज्ञानी पर शासन करने लगेंगे ! मानें या न मानें, लेकिन भारत है तो मूर्खों का, महा...

स्वास्थय मंत्री का इस्तिफा

 - *तुम इस्तीफ़ा दे दो ।* - सर , में अकेला क्यों दूँ ??  - *तुम अकेले नहीं हो , और लोग भी दे रहे है ।* - लेकिन सर , मेरी गलती क्या है ?? - *कोरोना रोकने में नाकामी के बाद भी तुम गलती पूछ रहे हो ??* - उसमें मेरी क्या गलती थी ??  - *तुम स्वास्थ्य मंत्री हो ।*  - सिर्फ़ नाम का ही तो हूँ , काम तो सब आप ही देखते हो ।  - *काम कोई भी देखे , ज़िम्मेदारी तो तुम्हारी थी ।* - फ़ंड आपके पास और ज़िम्मेदारी मेरी , यह तो नाइंसाफ़ी है ।  - *तुम्हें मटर छीलने से फ़ुर्सत मिलती तो काम देखते ।* - काम नहीं दिया इसीलिए तो मटर छील रहा था ।  - *( ग़ुस्से में ) अच्छा अब चुपचाप इस्तीफ़ा दे दो ।*🤫 - ठीक है सर ।😞

सोच बदलेगी तो देश बदलेगा

 सिर्फ मंत्री बदलने से देश के हालात नहीं बदलेंगे  इसके लिए प्रधान मंत्री बदलना पडेगा प्रधान मंत्री बदलने  के लिए सरकार बदलनी पडेगी सरकार बदलने के लिए  पार्टी बदलनी पडेगी पार्टी बदलने के लिए अपनी सोच  बदलनी पडेगी अपनी सोच बदलने के जागरूक बनना  पडेगा जागरूक बनने के लिए शिक्षित होना पडेगा  शिक्षित होने के लिए स्कूल कॉलेज जाना पडेगा स्कूल  कॉलेज जाने के लिए स्कूल कॉलेज खुलवाना पडेगा  स्कूल कॉलेज खुलवाने के लिए देश के हालात बदलने  पडेंगे देश के हालात बदलने के लिए प्रधान मंत्री बदलना  पडेगा प्रधान मंत्री बदलने के लिए सरकार बदलनी पडेगी  सरकार बदलने के लिए पार्टी बदलनी पडेगी पार्टी बदलने  के लिए अपनी सोच बदलनी पडेगी अपनी सोच बदलने  के लिए जागरूक बनना पडेगा जागरूक बनने के लिए  शिक्षित होना पडेगा शिक्षित होने के लिए स्कूल कॉलेज  जाना पडेगा स्कूल कॉलेज जाने के लिए स्कूल कॉलेज  खुलवाना पडेगा स्कूल कॉलेज खुलवाने के लिए देश के  हालात बदलने पडेंगे देश के हालात बदलने के लिए  आप समझ रहे हैं क्या करना पडेगा ?

अच्छे दिनों की सरकार बहुत हुई महंगाई की मार हाय रे भाजपा मोदी सरकार

 *ध्यान दें,* *देश में क्या चल रहा है,* *शायद हम अभीतक सो रहे हैं..?* 👇 सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही महंगा नही हुआ ..? 2014 के पहले सरसो तेल 65 रुपये प्रति लीटर था। *अब 210 रुपए प्रति लीटर* चीनी 25 रुपये प्रति किलो थी। *अब 42 रुपए प्रति किलो* *पुरे देश में सबसे महंगी बिजली उत्तर प्रदेश में मिल रही है* सीमेंट की कीमत 195 रुपये होगी। *अब 410 रुपए* स्टील की कीमत 3600 रुपये होगी, *अब 6500 रुपए* रेत थी 1500 रुपए की ट्राली, *आज 6000 रुपए की ट्रॉली* मोटरसाइकिल की कीमत 50,000 रुपये थी। *अब 90,000 रु.* मेडिक्लेम बीमा 1049 रुपये प्रति 1 लाख था, *अब रु.4100* डिश रीचार्ज 110 रुपए था, *अब 450 रुपए* 350 रुपये का था गैस सिलेंडर, *अब 880 रु* गैस सब्सिडी 250 रुपये थी, *अब 0 जीरो* यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए अधिकतम 100 रुपये, *अब रु.10000* *60 साल में अकेले देश का था 55000 करोड़ का कर्ज,* अब 1 लाख 8000 करोड़ है *ड्राईविंग लाईसेन्स 250 मे बनता था* अब 5500 मे बनता है। *घरेलू असलहा का रिन्यूल 1000 में होता था* अब 6000 में होता है *27 करोड़ परिवार गरीबी रेखा से ऊपर थे,* अब 35 करोड़ परिवार गरीबी रेखा के न...